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बिल जमा करने निकले बुजुर्ग की हत्या पोते को बचाने आए तो चाकू से किए वार

लखनऊ। बिजली का बिल जमा करने के लिए पोते के साथ घर से निकले 70 वर्षीय बुजुर्ग की शनिवार सुबह मड़ियांव थाने के सामने चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। बाइक और कबाड़ी के ठेले के बीच मामूली टक्कर के बाद विवाद हुआ था। आरोप है कि कबाड़ी ने पहले पोते संकल्प पर चाकू से हमला किया। उसे बचाने के लिए आगे आए दादा मगन बिहारी तिवारी पर भी हमलावर ने कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल दोनों को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। वहां बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया, जबकि संकल्प की हालत गंभीर बनी हुई है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मगन बिहारी तिवारी अपने पोते संकल्प के साथ बिजली का बिल जमा करने निकले थे। दोनों बाइक पर सवार थे। मड़ियांव थाने के सामने पहुंचने के दौरान उनकी बाइक की एक कबाड़ी के ठेले से मामूली टक्कर हो गई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। टक्कर के बाद हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। रोजमर्रा का एक काम पूरा करने निकले दादा-पोते को अंदाजा नहीं था कि रास्ते में हुआ छोटा सा विवाद जानलेवा घटना में बदल जाएगा।
बताया जा रहा है कि हमलावर ने सबसे पहले संकल्प को निशाना बनाया। उसने संकल्प पर चाकू से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पोते पर हमला होते देखकर मगन बिहारी तिवारी उसे बचाने के लिए आगे आए। आरोप है कि कबाड़ी ने इसके बाद बुजुर्ग पर भी चाकू से कई वार कर दिए। पोते को बचाने की कोशिश में बुजुर्ग खुद हमले का शिकार हो गए। चाकू लगने से दोनों की हालत बिगड़ गई और उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत पड़ी।
घायल दादा-पोते को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मगन बिहारी तिवारी की जान नहीं बच सकी। उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। संकल्प भी गंभीर हालत में है और उसका इलाज चल रहा है। उपलब्ध जानकारी में बुजुर्ग की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि पोते की स्थिति नाजुक बताई गई है। इस घटना में परिवार ने अपने बुजुर्ग सदस्य को खो दिया है और घायल संकल्प की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है।
वारदात की सबसे गंभीर बात यह है कि हमला मड़ियांव थाने के सामने हुआ। मामूली टक्कर से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में चाकूबाजी तक पहुंच गया। पहले पोते और फिर उसे बचाने आए दादा को निशाना बनाया गया। थाने के सामने हुई इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और हमले के दौरान किसने क्या देखा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
आरोपी हमला करने के बाद मौके से भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है। आरोपी की पहचान, उसके ठिकाने और घटना के बाद वह किस दिशा में गया, जैसे तथ्यों पर भी विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है। पुलिस की ओर से आगे मिलने वाले विवरण से घटनाक्रम की अन्य परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। अभी घटना की मुख्य वजह बाइक और ठेले के बीच हुई मामूली टक्कर के बाद का विवाद बताई जा रही है।
दादा-पोते पर हुए हमले का घटनाक्रम बताता है कि मगन बिहारी तिवारी अपने पोते को बचाने के लिए बीच में आए थे। संकल्प पर चाकू से वार होते देखकर उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ने उन पर भी हमला कर दिया। बुजुर्ग पर कई वार किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उन्हें और संकल्प को कितने घाव आए तथा शरीर के किन हिस्सों पर चोट लगी, इसकी चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए चोटों की विस्तृत स्थिति को लेकर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मामूली सड़क विवाद का इस तरह हिंसक हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। बाइक और ठेले की टक्कर के बाद हुए विवाद में एक बुजुर्ग की जान चली गई और उनका पोता अस्पताल में गंभीर हालत में है। घटना में किस पक्ष ने पहले क्या कहा या विवाद बढ़ने का पूरा क्रम क्या था, इस बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं मिली है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कबाड़ी पर चाकू से हमला करने का आरोप है और वह घटना के बाद फरार है।
फिलहाल इस मामले में आरोपी की तलाश और घायल संकल्प का उपचार दो प्रमुख पहलू हैं। बिजली का बिल जमा करने के लिए निकले मगन बिहारी तिवारी की मौत ने इस सामान्य यात्रा को दुखद घटना में बदल दिया। पोते को बचाने के लिए आगे आए बुजुर्ग खुद जानलेवा हमले की चपेट में आ गए। अब आरोपी के पकड़े जाने और घटना से जुड़े बाकी तथ्य सामने आने का इंतजार है। संकल्प की स्थिति के बारे में भी आगे मिलने वाली चिकित्सकीय जानकारी से ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।





